Humayun Kabir Babri Masjid Controversy: बंगाल में 93 लाख की रकम मिली – मशीन मंगानी पड़ी, बढ़ा राजनीतिक तूफ़ान

परिचय: West Bengal में बढ़ता विवाद

पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों एक नई हलचल के बीच खड़ी है। केंद्र में हैं—निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर, जिनकी गतिविधियों ने पूरे राज्य और देश के राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है।

Humayun Kabir Babri Masjid Controversy ने न सिर्फ विधानसभा गलियारों में चर्चा बढ़ाई है बल्कि सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक पार्टियों तक बहस की नई लहर शुरू कर दी है।

Humayun Kabir Babri Masjid Controversy क्या है?

यह कंट्रोवर्सी तब शुरू हुई जब निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की आधारशिला रख दी।

6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में ढही बाबरी मस्जिद की स्मृति में यह कदम उठाया गया।

लेकिन मामला यहीं नहीं रुका।

अचानक खबर आई कि लोगों ने दान के रूप में करोड़ों रुपये जमा करा दिए, जिनके गिनने के लिए नोट गिनने की मशीन बुलानी पड़ी।

यहीं से Humayun Kabir Babri Masjid Controversy और तेज़ हो गई।

बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखे जाने के बाद शुरू हुआ बवाल

कबीर के इस कदम ने पुराने धार्मिक मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया।

TMC ने तुरंत कबीर को निलंबित कर दिया।

विपक्ष ने इसे “राजनीतिक स्टंट” बताया

जबकि कुछ स्थानीय नेता इसे “समुदाय की मांग” कह रहे हैं।

93 लाख रुपये की रकम – मशीन से गिननी पड़ी क्यों

सबसे बड़ा सवाल जिसने आग में घी डालने का काम किया—

क्या वाकई इतनी बड़ी रकम जमा हुई कि मशीन बुलानी पड़ी?

हुमायूं कबीर का दावा:

सिर्फ QR कोड स्कैन कर के

93 लाख रुपये जमा हुए

नकद दान अलग है

कुल रकम 11 बड़े ट्रंक में भरी हुई है

इसी वजह से नोट गिनने वाली मशीन को रातों-रात बुलाया गया।

इसने Humayun Kabir Babri Masjid Controversy को और बड़ा बना दिया।

11 ट्रंक पैसे: 30 लोगों की टीम गिन रही रकम

खबर के मुताबिक—

हुमायूं कबीर के रेजीनगर स्थित घर में पैसे गिनने की मशीन लगाई गई

11 ट्रंकों में नोट भरे हुए हैं

30 लोगों को नोट गिनने का काम सौंपा गया

यह नजारा किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा है।

बीरभूम और मालदा में भी मस्जिद?

कबीर का दावा है कि—

बीरभूम से लोग आए

मालदा से भी प्रस्ताव आया

रामपुरहाट, सिउड़ी से समर्थन मिला

उन्होंने कहा—

“अगर लोग चाहेंगे तो वहां भी मस्जिद बनाने पर विचार करेंगे।”

इस बयान ने Humayun Kabir Babri Masjid Controversy को राज्यव्यापी बना दिया।

हुमायूं कबीर की नई पार्टी और राजनीतिक गठबंधन

कबीर ने साथ ही यह भी कहा—

उनकी नई पार्टी जल्द बनेगी

AIMIM के साथ गठबंधन होगा

वाम मोर्चा, कांग्रेस और ISF से भी बात हो सकती है

हालांकि AIMIM ने उन पर कटाक्ष किया—

“ये शुभेंदु अधिकारी की टीम के मुख्य सदस्य हैं।”

TMC का निलंबन और कबीर का इस्तीफा विवाद

कबीर को गुरुवार को TMC ने निलंबित कर दिया।

उन्होंने मंच पर खड़े होकर कहा—

“मैं विधायक पद से इस्तीफा दे रहा हूँ।”

लेकिन 48 घंटे बाद बयान बदल दिया—

“मतदाताओं की आपत्तियों के कारण इस्तीफा नहीं दूँगा।”

यह यू-टर्न Humayun Kabir Babri Masjid Controversy के सबसे विवादित पहलुओं में से एक बन गया है।

Humayun Kabir Babri Masjid Controversy in West Bengal

विपक्ष का हमला

BJP, Congress और CPM सभी ने कबीर पर जमकर हमला बोला।

उनका कहना है कि यह सब—

राजनीतिक फायदा

धार्मिक ध्रुवीकरण

वोट बैंक राजनीति

का खेल है।

बंगाल की राजनीति पर इसका प्रभाव

यह विवाद बंगाल की राजनीति में कई नए सवाल खड़े कर रहा है—

क्या यह नया ध्रुवीकरण है?

क्या TMC पार्टी में असंतोष है?

क्या नई पार्टी चुनावों को प्रभावित कर सकती है?

राजनीतिक विश्लेषक इस मुद्दे को बड़ा मोड़ मान रहे हैं।

सोशल मीडिया में तूफान

Twitter, Facebook और YouTube पर—

वीडियो

बयान

लाइव डोनेशन

मशीन वाली फोटो

सब वायरल हो रहे हैं।

Humayun Kabir Babri Masjid Controversy अब डिजिटल विवाद बन चुका है।

कानूनी सवाल

क्या इतनी बड़ी रकम का हिसाब पारदर्शी है?

IT विभाग जांच करेगा?

क्या यह धार्मिक चंदा कानून के मुताबिक है?

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जांच होना तय है।

विवाद का भविष्य

यह साफ है कि—

मस्जिद का मुद्दा

पैसे का मामला

नई पार्टी का ऐलान

आने वाले महीनों में बंगाल की राजनीति में बड़ा रोल निभाएगा।

निष्कर्ष

Humayun Kabir Babri Masjid Controversy सिर्फ एक धार्मिक या राजनीतिक विवाद नहीं है।

यह पैसा, शक्ति, संगठन और राजनीतिक महत्वाकांक्षा का जटिल मिश्रण है।

FAQs

1. Humayun Kabir Babri Masjid Controversy क्या है?

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब बंगाल में बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखी गई और 93 लाख रुपये जमा होने की खबर आई।

2. पैसे गिनने के लिए मशीन क्यों मंगाई गई?

क्योंकि 11 ट्रंक में भारी मात्रा में नोट जमा हुए थे।

3. कितनी रकम जमा हुई है?

करीब 93 लाख रुपये QR कोड से जमा हुए, नकद अलग।

4. क्या TMC ने कबीर को निलंबित किया है?

हाँ, उन्हें आधिकारिक रूप से निलंबित किया गया है।

5. क्या वह विधायक पद से इस्तीफा दे रहे हैं?

नहीं, उन्होंने यू-टर्न ले लिया।

6. किस पार्टी से गठबंधन की बात हो रही है?

AIMIM और कुछ अन्य दलों से।

7. क्या यह कानूनी रूप से जांच का मामला बनेगा?

बहुत संभव है।

8. क्या अन्य जिलों में भी मस्जिद प्रस्ताव है?

हाँ, बीरभूम और मालदा।

9. क्या यह चुनावों को प्रभावित करेगा?

बिलकुल, विशेषकर मुस्लिम बहुल सीटों पर।

10. QR कोड से इतनी रकम कैसे जमा हुई?

लोगों ने ऑनलाइन डोनेशन किया है।

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